Author: Sanjay Dubey

विनेश फोगाट और संन्यास आज सुबह एक पीड़ादायक और लगभग उत्साहविहीन समाचार आया कि विनेश फोगाट ने कुश्ती से संन्यास ले लिया। हर व्यक्ति को ये अधिकार होता है कि वे अपने बेह एक्सतरीन जीवन के लिए बेहतर निर्णय करे। विनेश फोगाट ने भी अपने स्तर पर सोच समझ कर निर्णय लिया होगा। सार्वजनिक जीवन जीने वालो के लिए बहुत सारी बाध्यता होती है और उनसे उम्मीद की जाती है कि वे कोई बड़ा निर्णय लेने की तैयारी में होते है तो अपने परिवारजन, शुभ चिंतकों से सलाह मशविरा जरूर करते है।खिलाड़ियों की बात करे तो वे अपने मामलो में…

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नीरज चोपड़ा भाला वहीं फेकना जहां गोल्ड मेडल रखा हैइतिहास को उठाकर देखे तो भारतीय संस्कृति में भाला फेकने वाले दो ही दिग्गज का नाम ध्यान में आता है।पहले है पांडु पुत्र युधिष्ठिर और दूसरे महाराणा प्रताप। इनके बाद सारी दुनियां तीसरे व्यक्ति के। रूप में किसी को जानती है तो वो है नीरज चोपड़ा।भारत में चोपड़ा उपनाम का स्मरण करते ही एक कलाकार स्मृत होते है प्रेम चोपड़ा। बॉबी फिल्म में खलनायक की भूमिका में प्रेम चोपड़ा का एक डायलॉग बड़ा चर्चित हुआ था।मेरा नाम है प्रेम, प्रेम चोपड़ा। 2020ओलंपिक खेलों में नीरज चोपड़ा ने गोल्ड की सीमा रेखा…

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पूजा एमबीबीएस2003के साल में संजय दत्त अभिनीत फिल्म आई थी – मुन्ना भाई एम.बी.बी.एस । अपने स्थान पर मेडिकल कालेज के होनहार विद्यार्थी को बैठाकर खुद के चयन कराने से लेकर सच के सामने आने तक की फिल्म थी। शिक्षा जगत में न जाने कितने मुन्ना भाई होंगे जो अलग अलग क्षेत्र में आज सफल होकर कितने होनहार लोगो के सपनो पर पानी फेरे हुए है।मुन्नाभाई, मुन्नी बाई के अलावा तीन और तरीके है पिछले दरवाजे से तकनीकी शिक्षा और सरकारी सेवा में आने के।पहला है कि बोगस जाति सर्टिफिकेट, बोगस विकलांगता सर्टिफिकेट और तीसरा है खिलाड़ी सर्टिफिकेट।वर्तमान में डा…

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स्वर्गीयपूरा परिवार कमरे के भीतर रखे एक पलंग में पड़ी मेरी जीर्ण शीर्ण काया के चारो तरफ बैठे खड़े थे।कल रात डॉक्टर ने अस्पताल में जवाब दे दिया था।मुझे अब दवाओ की जरूरत नही है। दुआ से जितने घंटे, दिन इस इहलोक में गुजार लू वही बाकी समय है।मन से सभी चाह रहे थे कि मैं जाऊं लेकिन घर से बाहर जाने के लिए लाखों बहाने होते है। इस दुनियां से जाने के पहले सांसों का हिसाब किताब होता है। मेरे पास थोड़े बचे हुए थे वरना डॉक्टर के रटे रटाए उद्बोधन से पहले ही रवानगी हो जाती। मैं, स्पष्ट…

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चलो कप्तान ,कप्तान खेलते हैबीसीसीआई ने श्रीलंका में होने वाले वन डे और टी 20टीम की घोषणा कर दी है। उम्मीद के विपरीत टी 20टीम के कप्तान हार्दिक पांड्या की जगह सूर्य कुमार यादव को कप्तानी दी गई है। सूर्य कुमार यादव भारत की तरफ से पहले भी सात टी 20 मैच में कप्तानी कर चुके है। माना जा रहा है कि सूर्य कुमार यादव 34साल के होने जा रहे है ऐसे में एक प्रयोग किए जाने में कोई बुराई नही है वैसे भी श्रीलंका की टीम अब कमजोर टीमों में शुमार होने लगी है। 142करोड़ की आबादी वाले भारत…

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पूजा खेड़कर के बहानेकार्यपालिका, सरकार के नियम कानून को पालन करने वाली संवैधानिक संस्थान है। Iसरकार की मदद करने के लिए केंद्र और राज्य में प्रधान मंत्री और मुख्य मंत्री सहित दीगर मंत्रियों के लिए सचिव/संचालक पद सहित जिला प्रमुख के रूप में कलेक्टर और जिला पंचायत के सीईओ पद पर कार्य करने के लिए संघ लोक सेवा आयोग प्रतिवर्ष परीक्षा आयोजित करता है। हर साल लगभग एक हजार के आसपास सफल अभ्यर्थी आई ए एस, आई पी एस , आई एफ एस सहित अन्य अलाइड सर्विसेज के चयनित होते है। सफल अभ्यर्थियों में बामुश्किल नौ से दस प्रतिशत अभ्यर्थी…

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छत्तीसगढ़ लोक (लज्जा विहीन) सेवा आयोगहाल ही सिनेमाघरों में कमला हासन की एक फिल्म लगी हैहिंदुस्तानी- 2। नेताओ और अधिकारियो सहित व्यापारियों, बिल्डर्स द्वारा भ्रष्ट्राचार का खुलासा है। हिंदुस्तानी द्वारा प्रतिकात्मक रूप से देश के बड़े उद्योगपतियों को भी दिखाकर बताना चाहा है कि दूध का धुला कोई नही है। इस फिल्म में पंजाब लोक सेवा आयोग के अध्यक्ष के कारगुजारियो को दिखाते हुए मौत की सजा देने का भी दृश्य है।इस फिल्म के अंत में भ्रष्ट्राचार से मुक्त कराने वाले युवक युवती हिंदुस्तानी के कहने पर अपने ही परिवार के भ्रष्ट आचरण का साक्ष्य जुटाकर उनके विरुद्ध कार्यवाही कराते…

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सुनील “लिटिल मास्टर” गावस्कर1932 से लेकर 1970 तक भारतीय क्रिकेट टीम को औसत दर्जे की टीम माना जाता था।विदेशों में जीत मृग मरीचिका थी। न्यूज़ीलैंड से एकात सीरीज भले ही जीत लिए थे लेकिन इंग्लैंड जिसे क्रिकेट की काशी कहा जाता है वहां जीत नहीं मिली थी। ब्लेक स्ट्रॉम कहे जाने वेस्ट इंडीज , ऑस्ट्रेलिया में सीरीज जीतना मानो स्वप्न था। इसके चलते भारतीय क्रिकेट टीम को भाव नही मिलता था। 1971 में मुम्बई से एक ओपनर बल्लेबाज़ वेस्ट इंडीज दौरे के लिए सुनील गावस्कर का चयन हुआ। ये बल्लेबाज़ घरेलू क्रिकेट में बेहतर प्रदर्शन कर रहा था। वेस्टइंडीज दौरे…

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कितना कठिन होगावो वक्त जबअपने ही रहनुमाके बारे में तुमनेये सुना होगा कि वेशहीद हो गएअब वे इस दुनियां मेंनही हैकल ही की बात तो थीजब दोनो ने सपना देखा थाआने वाले सालो साल केपलक झपकते हीतुम्हारी दुनियां बदल गईकितने सालो इंतजार किया थाअपने को जोड़ने के लिएआग ने सब कुछ जला दियासपनो के बीज लगे भी न थे तूफान से सब कुछ तोड़ दियामै तुम्हे देख रहा थाउस समारोह में जहां सब थेसब तुम्हे देख रहे थेमैने तुम्हारी पलको कोभारी होते देखा हैजिन आंखों से अश्रु बहना थाउनको तुम्हे पीते देखा हैसचमुच बेटा तुम साहसी होहम तो तुम्हे देख…

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राजनीति में रिश्ता और रिश्ते में राजनीतिसामाजिक परिवेश में संबंधों का विशेष महत्व होता है।इसमें दो प्रकार के रिश्ते होते है।प्रत्यक्ष और परोक्ष। प्रत्यक्ष रिश्ते माता पिता के कारण बनते है। भाई, बहन, चाचा चाची, बुआ फूफा, मौसा मौसी मामा मामी आते है। परोक्ष रिश्ते में प्रत्यक्ष संबंध से जुड़े रिश्ते आते है। जैसे चाची के भाई, भाभी, आदि,आदि। राजनीति में रिश्तों की सिमितता है। इस क्षेत्र में झखमारी का रिश्ता होता है।सामने वाले को क्या कहे? राजनीति पुरुष सत्तात्मक है, दस प्रतिशत महिलाएं राजनीति में है और वे जगत दीदी तक सीमित है। रिश्ते की राजनीति में परिवारवाद जन्म…

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