माधुरी और माधुर्य भारतीय फिल्म इंडस्ट्री में सालों तक दर्शकों के दिल पर राज करने वाली नायिकाओं की संख्याओं उंगलियों में गिनने लायक है। इनकी सुंदरता और अभिनय क्षमता के मिश्रण ने दशकों तक एकाधिकार रखा।देविका रानी, मीना कुमारी, नर्गिस,मधुबाला, नूतन, वैजयंती माला, वहीदा रहमान, हेमा मालिनी, रेखा, श्रीदेवी, माधुरी दीक्षित, ऐश्वर्या राय,दीपिका पादुकोण, ऐसे नाम है। महान नायिकाओं की फेरहिस्त को दो काल में बांटे तो पहला काल देविका रानी से लेकर वैजयंती माला और दूसरा काल हेमा मालिनी से शुरू होकर दीपिका पादुकोण पर ठहरती है।इनमें से अधिकांश नायिकाएं दक्षिण से आती थी।

दक्षिण की आंधी को रोकने के लिए पश्चिम की एक नायिका के माधुर्य ने ऐसा शमा बांधा कि एक, दो ,तीन, चार ,पांच, छ, सात ,आठ, नौ, दस, ग्यारह ,बारह साल तक दर्शक माधुरी, माधुरी करते रहे। 1988 में तेजाब फिल्म से माधुरी दीक्षित की सफलता यात्रा शुरू होकर देवदास तक जारी रही। दिल, बेटा, हम आपके है कौन, दिल तो पागल है, राम लखन, त्रिदेव, साजन, राजा अंजाम, कोयला, देवदास ऐसी फिल्मे थी जिसमें माधुरी दीक्षित नायकों पर भारी पड़ी। “बेटा” फिल्म में माधुरी दीक्षित को सर्वश्रेष्ठ नायक का पुरस्कार मिला तो तीव्र प्रतिक्रिया ये थी कि पहले तो इस फिल्म का नाम बेटा नहीं बेटी होना चाहिए था। इससे अंदाजा लगाया जा सकता है कि माधुरी का माधुर्य लाजवाब था। माधुरी,श्री देवी और ऐश्वर्या राय के बीच की स्टारडम थी जिनके अभिनय ने दर्शकों का मनोरंजन किया। माधुरी दीक्षित का जन्म दिन 15 मई 1967 को पड़ता है
