शानदार जीत,शानदार आगाज़2007,2025 के बाद 2026 में भी भारतीय क्रिकेट टीम ने हैट्रिक जीत हासिल कर लिया।महेंद्र सिंह धोनी,रोहित शर्मा के बाद सूर्य कुमार यादव तीसरे ऐसे कप्तान बन गए है जो क्रिकेट के फटाफट फॉर्मेट में अपनी टीम को विजेता बनाए है। इस टूर्नामेंट में अगर कोई खिलाड़ी अपने असफलता के दौर से निकलकर सफलता के झंडे गाड़े है तो वे दो खिलाड़ी संजू सैम्सन और ईशान किशन है। दोनों खिलाड़ी पिछले कई महीनों से सफलता की तलाश में थे। कोच गौतम गंभीर और कप्तान सूर्य कुमार यादव के भरोसे ने दोनों खिलाड़ियों को मौका दिया और जब पूरी टीम जीत का जश्न मना रही थी तब इन दो खिलाड़ियों का प्रदर्शन का आंकलन भी हुआ। संजू सैम्सन ने तीन शानदार पारियां खेली।एक तरीके से विजयी होने भारतीय क्रिकेट टीम के वे लंगर बन गए थे।प्रतिद्वंदी टीम उनको रोकने में असफल रही। भले ही इंग्लैंड के खिलाफ 15 रन पर उनको जीवन दान मिला था लेकिन फीयरलेस पारी ने उन्हें अचानक ही स्टार खिलाड़ी बना दिया। हर खिलाड़ी अपने जीवन की सर्वश्रेष्ठ पारी को न केवल खुद याद रखना चाहता है बल्कि दर्शक भी खिलाड़ी के शानदार पारी को जेहन में रखना चाहते है।संजू सैम्सन की न्यूज़ीलैंड के खिलाफ फाइनल में खेली गई पारी इस बात की तब तब गवाह होगी जब जब संजू सैम्सन की चर्चा होगी। संजू ने महज पांच मैच में 199 की स्ट्राइक रेट से 321 रन बनाए।प्लेयर ऑफ द टूर्नामेंट भी बने।दूसरे खिलाड़ी के रूप में ईशान किशन भी याद रखने वाले खिलाड़ी हो गए है। ईशान के बैट से 317 रन निकले उन्होंने भी 193 की स्ट्राइक रेट से रन बनाए। संयोग ये भी है संजू सैम्सन और ईशान किशन दोनों विकेट के पीछे विकेटकीपर के रूप में एक दूसरे के प्रतिद्वंदी है।टीम में एक ही विकेटकीपर होता है। फिलहाल संजू सैम्सन है तो भविष्य में ईशान किशन होंगे। क्रिकेट टीम गेम है लेकिन खिलाड़ियों का व्यक्तिगत प्रदर्शन हमेशा दर्शकों की निगाह में रहता है।जसप्रीत बुमराह, नि:संदेह भारतीय क्रिकेट टीम में तुरुप का इक्का है। जब भी उम्मीद होती है बुमराह खरे उतर जाते है। उनका प्रिय हथियार यार्कर ने कहर ही ढाया खासकर न्यूजीलैंड के कप्तान सेंटनर को उन्होंने जो बोल्ड आउट किया वह फाइनल की सबसे बेहतरीन बॉल थी।अक्षर पटेल, संकटमोचन की भूमिका में रहे और बुमराह के बाद अगर प्रतिद्वंदी टीम को दबाव में लाने का काम किया तो अक्षर पटेल के हिस्से में ये काम जाता है।हार्दिक पांड्या, बेहतरीन आल राउंडर है इसमें किसी को शक नहीं होना चाहिए उनका एनर्जी लेवल अलग ही है। पिछले बार विश्वकप जीते थे तो हार्दिक रोए थे पारिवारिक विघटन ने उन्हें मानसिक रूप से कमजोर किया था इस बार उनके चेहरे में खुशी थी।इसका कारण भी स्टेडियम में उनके मित्र का होना था। आखिर में बात कप्तान सूर्य कुमार यादव याने स्काई की तो उन्हें चतुर कप्तान से ज्यादा वाकपटु मानना चाहिए। उन्होंने हर प्रेस कॉन्फ्रेंस में हर सवाल का जवाब दिया चाहे वह संजू सैम्सन पर उठे सवाल होय अभिषेक शर्मा पर पूछे गए प्रश्न हो या फिर पाकिस्तान से हाथ मिलाने का प्रश्न हो या न्यूज़ीलैंड के कप्तान सेंटनर के बारे में उठा सवाल हो। इस बार के विश्व कप में दीगर खिलाड़ियों के बेहतरीन प्रदर्शन के चलते सूर्य कुमार यादव का कमजोर प्रदर्शन छिप गया लेकिन उनकी भी सफलता टीम के लिए जरूरी है।जीत हमेशा सुखद होती है और हार हमेशा मंथन कराती है। 146 करोड़ की जनसंख्या वाले देश सहित दुनियां भर में कल 82 करोड़ स्क्रीन पर मैच देखा गया ये अपने आप में क्रिकेट के रोमांच के चरम का इजहार करता है। देश में क्रिकेट, धर्म सा हो चला है, दर्शक कम दीवाने ज्यादा हो गए है।दीवाने है तो दीवानों को नजर चाहिए। भारतीय टीम ने जीत का नजराना दे दिया है।होली के आठ माह बाद दिवाली मनती है लेकिन भारतीय क्रिकेट टीम ने चार दिन बाद ही देश में दिवाली मनवा दी।शाबाश सूर्य कुमार यादव और आपकी टीम।आप सभी को 146 करोड़ देशवासियों की तरफ से बधाई, और अनंत शुभ कामनाएं
✒️संजय दुबे
