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Browsing: इल्मी-फिल्मी
भावनाओं के समुद्र थे राजेश खन्ना
भावनाओं के समुद्र थे राजेश खन्ना भारतीय फिल्म उद्योग में सत्तर का दशक एक अजीब दौर से गुजर रहा था।…
करण अर्जुन के बहाने
करण अर्जुन के बहानेतीस साल पहले “क”नाम से फिल्म बनाने वाले राकेश रोशन ने एक फिल्म बनाई थी – “करण…
समृध्दि के लिए जरूरी है राष्ट्रवाद: शुक्ल
हिमाचल प्रदेश के राज्यपाल ने किया नीरजा माधव की तीन पुस्तकों का लोकार्पण हिमाचल प्रदेश के राज्यपाल शिवप्रताप शुक्ला का…
अगर सचिन देव बर्मन जिंदा होते तो किशोर कुमार जिंदा न रह पाते!
अगर सचिन देव बर्मन जिंदा होते तो किशोर कुमार जिंदा न रह पाते!हिंदी फिल्मों में गाने उतने ही अनिवार्य है,…
उम्र को मात देने वाली हेमा मालिनी
उम्र को मात देने वाली हेमा मालिनी उन्नीस सौ सत्तर के दशक में फिल्म इंडस्ट्री में पुरानी नायिकाओं का दौर…
मिथुन दादा साहब फाल्के पुरस्कार से सम्मानित!
मिथुन दादा साहब फाल्के पुरस्कार से सम्मानित!क्या पश्चिम बंगाल की राजनीति का सरोकार मिथुन चक्रवर्ती को मिले दादा साहेब फाल्के…
शहर के नायक – सदाबहार देव आनंद
शहर के नायक थे सदाबहार देव आनंद हिन्दू धर्म मे मान्यता है कि एक व्यक्ति का जीवन अमूमन सौ साल…
पुस्तक चर्चा…
समीक्षक :- कृपाशंकर चौबे तीन श्रेष्ठ कवियों की पत्रकारिता का आकलनहिंदी के तमाम मूर्धन्य संपादक पत्रकारिता के किसी संस्थान या…
मॉरीशस और फीजी
मॉरीशस और फीजी : विश्व हिंदी सम्मेलन के झरोखे से प्रलेक, मुंबई ने अभी-अभी एक पुस्तक प्रकाशित की है। उसका…
राजकुमार राव और श्रीकांत बोल्ला
राजकुमार राव और श्रीकांत बोल्लादुनियां में संपूर्ण शरीर का मालिक अगर कुछ उपलब्धि पा ले तो कोई बड़ी बात नहीं…